मेरे पिछले लेख़ में किसी ने टिप्पणी में कहा था कि जायज़ या ना जायज़ कुछ नहीं होता और उनकी इस टिप्पणी पे मुझे इस लेख़ कि प्रेरणा मिली. हम जिस समाज में रहते हैं वहां हर रोज़ कुछ ना कुछ घटता रहता है. इंसान एक सामाजिक प्राणी है और एक दूसरे से मिल जुल कर रहता है. ऐसे में कभी किसी का समर्थन करना कभी किसी के खिलाफ बोलना, कभी किसी पे पीछे चलना जैसी बातें देखी जाती रही हैं. ऐसा बहुत बार होता है कि किसी मुद्दे पे एक समूह तो समर्थन कर रहा होता है लेकिन दूसरा उसके खिलाफ बोल रहा होता है. धर्म कि बात करें...
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अपने जायज़ रिश्तों के प्रति वफादार रहिये
जब ज़बरदस्ती किसी मर्द ने किसी महिला के शरीर को इस्तेमाल करना चाहा तो यह बलात्कार कहलाया. जब स्त्री ने अपने फायदे के लिए, पैसे के लिए मर्द को शरीर सौंप दिया तो सौदा कहलाया और शरीर का सौदा करने वाली महिला वैश्या कहलाई. इस तरह का सौदा मर्ज़ी और मजबूरो दोनों हालत मैं होना संभव है.जिनको यहाँ लाकर ट्रेनिंग दी गयी होती है कि पुरुषों को कैसे रिझाओ और यह काम वो मैडम करती हैं जो इनकी पूरी कमाई इनसे ले कर इनपे ज़ुल्म करती हैं और बदले मैं इनका पेट भरती हैं. यह इलाका इतना मशहूर है कि जब जब अमरीका का कोई...
हम क्यों हर चीज़ शार्ट कट से बिना मेहनत पा लेना चाहते हैं
"झूटी शान और सम्मान चक्कर से बाहर निकले ब्लॉगजगत" लेख़ का मकसद था लोगों को अच्छा लिखने के लिए प्रोत्साहित करना क्यों कि जो अच्छा लिखेगा वो खुद मशहूर हो जाएगा. लेकिन हम सभी को शार्ट कट से बहुत कुछ पा लेने की आदत होती है और अपनी इसी कमजोरी के कारण हम बेवकूफ बना करते हैं और नुकसान उठाते हैं.
मुझे याद है जब से मैंने होश संभाला तभी से फिल्मों में हीरो और हेरोइन बनाने के नाम पे धोका धडी की खबरें भी सुनता चला आ रहा हूँ. अधिकतर शिकार वही होते हैं जिनमें प्रतिभा कम होती है इसलिए शोर्ट कट की तलाश में...
जो भी प्यार से मिला हम उसी के हो लिए.
घबराएं नहीं,मैं कोई गाना या कविता सुनाने नहीं जा रहा. बस एक ख्याल सा आया दिल मैं जो आप सब के साथ...
अमन का पैग़ाम अब करने है लगा दिलों पे असर
जी हाँ अमन का पैग़ाम है ही ऐसी चीज़ जिसका असर सीधे दिलों पे हुआ करता है. इस ब्लॉग ने पिछले १६...
बुरी तेरी नज़र है और बुर्का पहनू मैं ?
विश्लेषण करते हुए लिखे और हर प्रकार की संभावनाओं पे अपनी बातें आप सभी के सामने रखी. सहमती असहमति...
पसंद अपनी अपनी ख्याल अपना अपना
हर इंसान के जीने का अंदाज़ अलग हुआ करता है और यह उसकी परवरिश, तजुर्बे और ज्ञान के अनुसार हुआ करता...
भ्रष्ट लोगों को यह सविनय अवज्ञा लगता है Civil disobedience
सत्याग्रह या सदाग्रह का शाब्दिक अर्थ सत्य के लिये आग्रह करना होता है.यह और बात है की असत्य की राह...
मुझे गर्व है कि मैं इस हिंदी ब्लॉगजगत का एक हिस्सा हूँ
मेरे हिंदी ब्लॉगजगत मैं आने के बाद से डॉ अमर कुमार की म्रत्यु खबर मेरे लिए किसी ब्लोगर की म्रत्यु...
ऐसा भी होता है शायद अज्ञानता के कारण
इस बार गर्मी की छुट्टीयों मैं सोंचा अपने वतन जौनपुर चला जाए और वहाँ के लोगों से संपर्क बढाया जाए...